Indiafree वेबसाइट का उद्देश्य भारत वर्ष में आम नागरिक के स्वतंत्रता के अधिकार की रक्षा करना हैं| स्वतंत्रता मनुष्य का वह मौलिक एंव अविच्छेद्य (inalienable) अधिकार हैं, जो उसे जन्म से ही प्राप्त हैं | अतर्कसंगत तथा अनुचित नियंत्रण, प्रतिरोध तथा अवरोध से मुक्त जीवन जीने का अधिकार ही स्वतंत्रता हैं | स्वतंत्रता से अभिप्राय है कि व्यक्ति अपने जीवन से संबंधित निर्णय लेने के लिए स्वतन्त्र हों |

अभिव्यक्ति, विचार, अवधारणा, धर्म, कर्म तथा जीवन जीने के मूल – भूत कार्यकलाप करने का सार्थ्य स्वतंत्रता के अधिकार के प्रमुख रूप हैं |

स्वतंत्रता का अधिकार असीम नहीं हैं | एक व्यक्ति की स्वतंत्रता से दूसरे व्यक्ति की स्वतंत्रता प्रभावित हों सकती हैं | इसलिए सभी समाजों में आम व्यक्ति की स्वतंत्रता के ऊपर कुछ तर्कसंगत तथा उचित प्रतिबन्ध लगाए जाते हैं |

हाल के कुछ वर्षों में देखा गया हैं कि भारत में विभिन्न कारणों तथा मतों के अनुसार अनेक प्रकार के प्रतिबन्ध लगाने का चलन बढ़ा हैं | इन असमान्य तथा अतर्कसंगत प्रतिबन्धो को “अवरोधात्मक वृत्तियाँ” कहा जा सकता हैं |

राष्ट्र के कार्यकलापों के सुगम संचालन में अवरोधात्मक वृत्तियों के बढ़ने से आम जीवन तथा विकास की गति प्रभावित होते हैं |

यह अवरोधात्मक वृत्तियाँ नैतिकता का पाठ पढ़ाने के नाम पर, धार्मिक विषयों की व्याख्या से, तथा विभिन्न कानूनों और नियमों के अनुसरण में हों सकती हैं | ऐसा सरकार, समाज सेवी संगठनों तथा धार्मिक संस्थाओं द्वारा किया जा सकता हैं |

इन अवरोधात्मक वृत्तियों को दक्षिण पंथी रुढ़िवादी तथा वाम पंथी उदारवादी तथा अति उदारवादी तत्व, दोनों ही बढ़ावा देते हैं |

अतः आज के भारत वर्ष में इस बात की विशेष आवश्यकता है कि “स्वतंत्रता” एवं “अवरोधात्मक वृत्तियों” के बीच सही संतुलन बनाया जाए |

साथ ही “आरक्षण” का विषय भी अनुचित अवरोधात्मक वृत्ति का ही विकृत रूप हैं | भारत में सामाजिक न्याय के नाम पर शिक्षा एवं सरकारी सेवाओं में जाति – आधारित कोटा की व्यवस्था हैं |

“घनात्मक क्रिया” (affirmative action) के नाम पर भारत के विभिन्न राजनैतिक दलों के बीच जातियों को वोटों की खातिर लुभाने की होड़ मची हुई हैं |

जबकि आरक्षण व्यवस्था का कोई ठोस वैज्ञानिक तथा तर्कसंगत आधार नहीं हैं, तथा इसके माध्यम से आधी से अधिक आबादी अन्याय की शिकार हों रही हैं, फिर भी किसी राजनैतिक दल में इस मुद्दे के विरुद्ध बोलने का साहस नहीं हैं |

अतः पाया जाता है कि आरक्षण व्यवस्था भारत में स्वतंत्रता के अधिकार का गंभीर अतिक्रमण है, तथा इसका भरपूर विरोध करने की नितान्त आवश्यकता हैं |

वेबसाइट का प्रयास हैं कि आम जन को विचार – विमर्श तथा चर्चा हेतु एक मंच उपलब्ध करवाए, जिससे की राष्ट्र के विकास की गति बढ़ाई जा सके |

Indiafree का सृजन एवं संचालन राष्ट्रीय समता विचार मंच नाम Trust द्वारा किया जा रहा हैं, जो कि श्री समीर सिंह चन्देल, IAS (से. नि) द्वारा गठित किया गया हैं |